Signal Messaging App क्या है, Signal Messaging की पूरी जानकरी 

Signal Messaging App क्या है, Signal Messaging की पूरी जानकरी

Signal Messaging App के बारे में हर कोई जानना चाहता है, दरसअल व्हाट्सअप ने जब से अपनी पॉलिसी जारी की है, तब से व्हाट्सअप  यूजर को अपनी पर्सनल जानकारी को फेसबुक और दूसरी कम्पनी के साथ शेयर करने वाली पॉलिसी से व्हाट्सअप यूजर अपनी पर्सनल जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं हो इसके लिए वो व्हाट्सअप को छोड़ना चाहते है, लेकिन वो व्हाट्सअप के Alternative को सर्च कर रहे है, इस Alternative लिस्ट में सबसे पहले नाम Signal Messaging App का नाम आ रहा है जो अपने यूजर के डाटा को संभाल कर रखती है, और किसी और कंपनी के साथ शेयर नहीं करती है.

दोस्तों आज में इस पोस्ट में आपको Signal Messaging App के बारे में पूरी जानकरी शेयर करूँगा, साथ में आपको व्हाट्सप्प और Signal Messaging App में क्या अंतर है ये भी आपके साथ शेयर करूँगा तो दोस्तों आप पोस्ट को अंत तक जरूर पड़े.


Signal Messaging App क्या है, आइये अब आपको Signal Messaging App के बारे में बता देते है 

Signal Messaging App क्या है?
Signal एक पॉप्युलर Messaging App है, जो आईफोन, आईपैड, एंड्रॉइड, विंडोज, मैक और लिनक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। अन्य Messaging App की तरह इसके जरिए भी आप मैसेज, फोटो, वीडियो या लिंक्स भेज सकते हैं, और ऑडियो या वीडियो कॉल्स कर सकते हैं। कंपनी ने हाल ही में ग्रुप वीडियो कॉलिंग फीचर जारी किया है, जिसके जरिए आप एक साथ 150 लोगों के साथ वीडियो कॉलिंग कर पाएंगे। 

किसने बनाया Signal Messaging App?

इस एप को Signal Foundation and Signal Messenger ने डेवलप किया है, जो एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी है। ऐप को अमेरिकी क्रिप्टोग्राफर और वर्तमान में सिग्नल मैसेंजर के सीईओ मोक्सी मार्लिंस्पाइक द्वारा बनाया गया था। सिग्नल फाउंडेशन को व्हाट्सएप के को-फाउंडर ब्रायन एक्टन और मार्लिंसपाइक ने मिलकर स्थापित किया था। एक्टन ने 2017 में व्हाट्सएप को छोड़ा था और सिग्नल को फंड करने के लिए लगभग 50 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।

Signal Messaging App सिग्नल प्रोटोकॉल पर काम करती है आइये आपको सिग्नल प्रोटोकॉल के बारे में बता देते है। 

क्या है सिग्नल प्रोटोकॉल? 

ये एक क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल है जिसे वॉयस और वीडियो कॉल्स में एंड टु एंड एन्क्रिप्शन देने के लिए किया जाता है. एंड टु एंड एन्क्रिप्शन यानी सेंडर और रीसिवर के अलावा कॉल्स या चैट्स कोई भी तीसरा नही पढ़ सकता है और न ही सर्वर में इसका ट्रेस रहता है. 

Moxie Marlnspike की कंपनी Open Whisper System ने 2013 में ये प्रोटोकॉल तैयार किया. इसी प्रोटोकॉल को एंड टु एंड एन्क्रिप्शन के लिए वॉट्सऐप और फेसबुक मैसेंजर में यूज किया गया.


क्यों व्हाट्सएप से बेहतर है सिग्नल एप?

Signal app को दुनिया के सबसे सिक्योर एप में से एक माना जाता है। यहां यूजर डेटा शेयर होने का खतरा नहीं है। 

सिग्नल एप यूजर्स से उनके पर्सनल डेटा को नहीं मांगता, जिस प्रकार फिलहाल व्हाट्सएप कर रहा है। 

यहां आपके चैट बैकअप को क्लाउड (ऑनलाइन स्टोरेज) पर नहीं भेजा जाता। यह डेटा आपके फोन में ही सेव रहता है। 

इस एप में Data Linked to You नाम का फीचर भी है, जिसका काम है कि कोई भी चैट मैसेजेस का स्क्रीनशॉट न ले पाए। 

एक और खास फीचर यह है कि यहां पुराने मैसेसेज खुद ही गायब हो जाते हैं। 

व्हाट्सएप की तरह यहां ग्रुप बनाकर कोई भी आपको नहीं जोड़ सकता। इसमें पहले इनवाइट भेजना पड़ता है। 

इसमें Relay Calls का फीचर भी है। इसके जरिए आपका कॉल Signal सर्वर से जाता है, जिससे सामने वाले कॉन्टैक्ट को आपके IP एड्रेस का पता नहीं चलता। 

आप इसमें PIN भी सेट कर सकते हैं, ताकि कोई और आपके अकाउंट का इस्तेमाल न कर पाए। 


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